साप्ताहिक समीक्षा- सरसों
18-Apr-2026 07:36 PM
जोरदार आपूर्ति एवं सीमित मांग से सरसों का दाम घटा
नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों की आवक का अभी पीक सीजन चल रहा है। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सरसों की जोरदार आपूर्ति होने तथा व्यापारिक मांग कुछ कमजोर रहने से 11-17 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान इसकी कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ गई।
42% कंडीशन सरसों
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली एवं जयपुर में 50 रुपए गिरकर क्रमश: 6750 रुपए प्रति क्विंटल एवं 7150 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई। कोटा में भाव 200 रुपए घटकर 6000/6600 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की मंडियां भी कमजोर रहीं।
सरसों तेल
सरसों तेल एक्सपेलर तथा कच्ची घानी की कीमतों में 1 से 4 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ गई। बल्क खरीदारों ने लिवाली में कम दिलचस्पी दिखाई। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 15 रुपए गिरकर 1435 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुरैना में कच्ची घानी का दाम 40 रुपए घटकर 1430 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। अन्य केन्द्रों में सरसों तेल के मूल्य में प्रति 10 किलो पर 10 से 20 रुपए तक की नरमी देखी गई।
आवक
राष्ट्रीय स्तर पर मंडियों में सरसों की दैनिक आवक 11 अप्रैल को 11 लाख बोरी, 13 अप्रैल को भी 11 लाख बोरी, 14 अप्रैल को 9 लाख बोरी, 15 अप्रैल को 11 लाख बोरी, 16 अप्रैल को 10 लाख बोरी तथा 17 अप्रैल को 9.50 लाख बोरी दर्ज की गई जबकि प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है।
सरसों खल (डीओसी)
सरसों खल एवं डीओसी का हाल भी सरसों सीड एवं सरसों तेल जैसा ही रहा। कमजोर कारोबार के पास इसके दाम में 100-200 रुपए की गिरावट देखी गई। निर्यातकों की लिवाली कम हुई।
मंडी भाव
कीमतों में थोड़ी नरमी आने के बावजूद सरसों का थोक मंडी भाव अभी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचा चल रहा है इसलिए नैफेड एवं हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों को इसकी खरीद में ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है।
